Honda CB350 भारत में क्लासिक बाइक लवर्स की पहली पसंद बन चुकी है। रेट्रो लुक्स और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन इसे खास बनाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इसकी कीमत सही है? असली माइलेज कितनी मिलती है? शहर में चलाएं या हाईवे पर, फ्यूल एफिशिएंसी कैसी रहती है?
आज हम Honda CB350 की पूरी डिटेल्स में जाएंगे। कीमत से लेकर रियल-वर्ल्ड माइलेज तक, वो सब कुछ जो आप खरीदने से पहले जानना चाहते हैं। कंपनी के क्लेम्स और असली यूजर्स के एक्सपीरियंस में क्या फर्क है, यह भी बताएंगे। तो अगर आप भी CB350 खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम का है।
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Honda CB350 Overview Table
| स्पेसिफिकेशन | डिटेल्स |
|---|---|
| इंजन कैपेसिटी | 348.36cc |
| पावर आउटपुट | 20.8 PS @ 5500 rpm |
| टॉर्क | 30 Nm @ 3000 rpm |
| गियरबॉक्स | 5-स्पीड मैनुअल |
| फ्यूल टैंक | 15 लीटर |
| कंपनी क्लेम माइलेज | 45-50 km/l |
| रियल-वर्ल्ड माइलेज | 32-42 km/l |
| वजन | 181 kg |
| सीट हाइट | 800 mm |
Honda CB350 की कीमत कितनी है
Honda CB350 की एक्स-शोरूम कीमत ₹1.99 लाख से शुरू होती है और टॉप वैरिएंट ₹2.29 लाख तक जाती है। ऑन-रोड प्राइस शहर के हिसाब से अलग-अलग होती है। दिल्ली में यह ₹2.25 लाख से ₹2.60 लाख के बीच आती है। मुंबई और बेंगलुरु में थोड़ी ज्यादा हो सकती है क्योंकि वहां टैक्स और इंश्योरेंस कॉस्ट ज्यादा है।
CB350 तीन वैरिएंट्स में अवेलेबल है। DLX वैरिएंट ₹1.99 लाख में आता है जो बेसिक फीचर्स के साथ है। DLX Pro ₹2.14 लाख में मिलता है जिसमें बेहतर सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है। सबसे टॉप वैरिएंट H’ness CB350 ₹2.29 लाख में है जिसमें फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और वॉयस कंट्रोल जैसे प्रीमियम फीचर्स हैं।
खास बात यह है कि Honda ने इसकी प्राइसिंग काफी कॉम्पिटिटिव रखी है। Royal Enfield Classic 350 से यह थोड़ी सस्ती है और फीचर्स के मामले में आगे भी। Jawa 42 और Benelli Imperiale 400 के मुकाबले भी यह वैल्यू-फॉर-मनी लगती है।
असली माइलेज कितनी मिलती है
Honda की ऑफिशियल वेबसाइट पर CB350 की माइलेज 45-50 km/l बताई गई है। लेकिन रियल-वर्ल्ड टेस्टिंग में यह फीगर काफी अलग निकलती है। असली माइलेज 32-42 km/l के बीच आती है जो ड्राइविंग कंडीशन्स पर निर्भर करती है।
शहर की ट्रैफिक में जहां बार-बार रुकना पड़ता है, वहां CB350 करीब 32-36 km/l देती है। यह फीगर तब है जब आप नॉर्मल राइडिंग स्टाइल अपनाएं। अगर आप अग्रेसिव ड्राइविंग करते हैं या ज्यादा RPM पर बाइक चलाते हैं तो माइलेज 28-30 km/l तक गिर सकती है।
हाईवे पर कंडीशन बेहतर होती है। 60-70 km/h की स्पीड पर CB350 38-42 km/l तक की माइलेज दे देती है। यह इसलिए क्योंकि इंजन को कॉन्सटेंट RPM पर चलाया जा रहा होता है और बार-बार ब्रेक-एक्सीलरेशन नहीं होता। कुछ यूजर्स ने क्लेम किया है कि बिल्कुल परफेक्ट कंडीशन्स में उन्हें 45 km/l भी मिली है, लेकिन यह एक्सेप्शनल केस है।
मिक्स्ड ड्राइविंग में जहां शहर और हाईवे दोनों शामिल हों, वहां एवरेज 35-38 km/l रहती है। यह सबसे रियलिस्टिक फीगर है जो आम राइडर्स को मिलती है।
क्या चीजें माइलेज पर असर डालती हैं
Honda CB350 की फ्यूल एफिशिएंसी कई फैक्टर्स पर डिपेंड करती है। राइडिंग स्टाइल सबसे बड़ा फैक्टर है। अगर आप स्मूथ एक्सीलरेशन करते हैं और अनावश्यक रेविंग से बचते हैं तो माइलेज बढ़ती है। हाई RPM पर लगातार चलाने से फ्यूल कंजम्पशन बढ़ जाती है।
टायर प्रेशर का भी बहुत असर होता है। अंडर-इन्फ्लेटेड टायर ज्यादा रोलिंग रेजिस्टेंस क्रिएट करते हैं जिससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। Honda रिकमेंड करती है कि फ्रंट टायर में 25 psi और रियर में 29 psi प्रेशर रखें। इससे बेस्ट परफॉर्मेंस और माइलेज मिलती है।
वजन भी मैटर करता है। ज्यादा लोड या हेवी राइडर होने पर इंजन पर ज्यादा स्ट्रेन पड़ता है। CB350 का करब वेट 181 kg है जो रीजनेबल है, लेकिन अगर आप रेगुलर पिलियन राइडिंग करते हैं या हेवी लगेज कैरी करते हैं तो माइलेज में 3-5 km/l का फर्क आ सकता है।
रेगुलर मेंटेनेंस बहुत जरूरी है। डर्टी एयर फिल्टर इंजन में प्रॉपर एयरफ्लो नहीं होने देता जिससे कंबशन एफिशिएंसी कम होती है। पुराना इंजन ऑयल भी परफॉर्मेंस पर असर डालता है। Honda 6000 km या 6 महीने में सर्विसिंग रिकमेंड करती है जो भी पहले हो।
चेन लुब्रिकेशन भी जरूरी है। ड्राई या टाइट चेन ज्यादा फ्रिक्शन क्रिएट करती है। हर 500-600 km में चेन को क्लीन और लुब्रिकेट करना चाहिए। स्पार्क प्लग की कंडीशन भी चेक करते रहें। वॉर्न आउट स्पार्क प्लग से मिसफायर होता है जो फ्यूल वेस्ट करता है।
वेदर कंडीशन्स का भी असर होता है। गर्मियों में AC जैसा कुछ तो नहीं है बाइक में, लेकिन ठंड में इंजन को वॉर्म-अप में टाइम लगता है। पहले 2-3 किलोमीटर में माइलेज कम रहती है। हेवी रेन में भी रेजिस्टेंस बढ़ता है।
फ्यूल क्वालिटी भी मैटर करती है। हमेशा अच्छे पेट्रोल पंप से फ्यूल भरवाएं। खराब क्वालिटी का पेट्रोल इंजन में डिपॉजिट्स बनाता है जो लॉन्ग-टर्म में परफॉर्मेंस खराब करता है। Honda रिकमेंड करती है कि मिनिमम 87 ऑक्टेन रेटिंग का पेट्रोल यूज करें।
शहर में माइलेज कैसी रहती है
सिटी राइडिंग में Honda CB350 की माइलेज 32-36 km/l रहती है। यह फीगर तब है जब आप मॉडरेट ट्रैफिक में चला रहे हों। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे मेट्रो सिटीज में जहां ट्रैफिक हेवी रहता है, वहां यह 30-32 km/l तक आ सकती है।
स्टॉप-एंड-गो ट्रैफिक सबसे बड़ी चैलेंज है। हर बार रुकने पर इंजन आइडल पर चलता रहता है जो फ्यूल बर्न करता है। फिर एक्सीलरेशन के दौरान ज्यादा फ्यूल चाहिए होता है। इस साइकिल में फ्यूल एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।
CB350 में इंजन काफी रिफाइंड है और लो-एंड टॉर्क अच्छा है। 30 Nm टॉर्क 3000 rpm पर ही मिल जाता है। इसका मतलब है कि शहर की स्पीड यानी 30-50 km/h पर बाइक आराम से चलती है बिना ज्यादा थ्रॉटल के। यह माइलेज बचाने में मदद करता है।
सिंगल-सीटर राइडिंग शहर में बेस्ट माइलेज देती है। अगर आप अकेले ऑफिस कम्यूट कर रहे हैं और स्मूथ राइडिंग करते हैं तो 34-36 km/l आसानी से मिल जाती है। पिलियन के साथ यह 30-32 km/l हो जाती है क्योंकि वजन बढ़ जाता है।
पीक ऑवर्स में माइलेज और भी कम हो सकती है। सुबह 9-11 बजे और शाम 6-8 बजे जब ट्रैफिक पीक पर होता है, तब बार-बार क्लच ऑपरेशन और लो-गियर ड्राइविंग से फ्यूल कंजम्पशन बढ़ जाती है। ऐसे टाइम में 28-30 km/l भी आ सकती है।
छोटे शहरों में कंडीशन बेहतर होती है। जहां ट्रैफिक कम है और रोड्स स्मूथ हैं, वहां सिटी माइलेज भी 36-38 km/l तक पहुंच जाती है। यह हाईवे से थोड़ी ही कम है।
हाईवे पर माइलेज कितनी आती है
हाईवे राइडिंग में Honda CB350 की असली पोटेंशियल दिखती है। 38-42 km/l की माइलेज आसानी से मिल जाती है जब आप कंसिस्टेंट स्पीड पर चला रहे हों। यह बाइक लॉन्ग डिस्टेंस टूरिंग के लिए परफेक्ट है।
60-70 km/h की स्पीड रेंज में CB350 सबसे ज्यादा एफिशिएंट है। इस स्पीड पर इंजन करीब 3500-4000 rpm पर रहता है जो स्वीट स्पॉट है। फ्यूल कंबशन ऑप्टिमल होता है और वाइब्रेशन भी कम रहते हैं। यहीं पर 40-42 km/l की पीक माइलेज मिलती है।
80-90 km/h पर भी परफॉर्मेंस अच्छी है। माइलेज 38-40 km/l रहती है जो स्टिल इम्प्रेसिव है। बाइक में पावर की कोई कमी नहीं महसूस होती। 20.8 PS की पावर इस स्पीड पर कम्फर्टेबल क्रूजिंग के लिए काफी है।
100 km/h से ऊपर जाने पर माइलेज थोड़ी गिरती है। 35-37 km/l आ जाती है क्योंकि एयर रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और इंजन हाई RPM पर चलता है। लेकिन यह फिर भी डीसेंट है। CB350 आराम से 110-115 km/h तक जा सकती है, लेकिन फ्यूल एफिशिएंसी के लिए 80-90 km/h बेस्ट रेंज है।
लॉन्ग राइड्स में विंड रेजिस्टेंस फैक्टर बनता है। CB350 में विंडस्क्रीन नहीं है तो ड्राइवर को पूरी विंड फोर्स झेलनी पड़ती है। इससे स्पीड मेंटेन करने में थोड़ा ज्यादा थ्रॉटल लगता है। अगर आप रेगुलर हाईवे यूजर हैं तो विंडस्क्रीन लगवाना अच्छा ऑप्शन है जो माइलेज में 2-3 km/l का इम्प्रूवमेंट कर सकता है।
घाट सेक्शन या हिली रोड्स पर माइलेज कम हो जाती है। चढ़ाई में इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी कंडीशन्स में 30-33 km/l तक आ सकती है। लेकिन डाउनहिल में अगर आप इंजन ब्रेकिंग यूज करते हैं तो फ्यूल बिल्कुल नहीं बर्न होता।
Honda CB350 के फीचर्स क्या हैं
Honda CB350 में क्लासिक डिजाइन के साथ मॉडर्न फीचर्स दिए गए हैं। रेट्रो राउंड हेडलैंप LED टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो बेहतर विजिबिलिटी देता है। टेललैंप भी LED है। पूरी बाइक में क्रोम एक्सेंट्स दिए गए हैं जो प्रीमियम लुक देते हैं।
डिजिटल-एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है जो काफी यूजफुल है। स्पीडोमीटर, ओडोमीटर, फ्यूल गेज, गियर पोजीशन इंडिकेटर सब कुछ है। टॉप वैरिएंट में फुल डिजिटल डिस्प्ले है जिसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन भी है। Honda Smartphone Voice Control सिस्टम से आप कॉल्स और मैसेजेस को वॉयस कमांड से कंट्रोल कर सकते हैं।
ब्रेकिंग सिस्टम काफी अच्छा है। फ्रंट में 310mm पेटल डिस्क और रियर में 240mm डिस्क दी गई है। डुअल-चैनल ABS स्टैंडर्ड है सभी वैरिएंट्स में। इमरजेंसी ब्रेकिंग में बाइक बिल्कुल कंट्रोल में रहती है।
सस्पेंशन सेटअप कम्फर्ट के लिए ट्यून किया गया है। फ्रंट में टेलिस्कोपिक फॉर्क्स हैं। रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर्स दिए गए हैं जो 5-स्टेप प्रीलोड एडजस्टमेंट के साथ आते हैं। खराब रोड्स पर भी राइड क्वालिटी अच्छी रहती है।
सीटिंग पोजीशन अपराइट और रिलैक्स्ड है। सीट हाइट 800mm है जो ज्यादातर राइडर्स के लिए सूटेबल है। सीट काफी कम्फर्टेबल है और लॉन्ग राइड्स में भी थकान नहीं होती। पिलियन सीट भी स्पेसियस है और ग्रैब रेल दिया गया है।
एग्जॉस्ट नोट काफी सिग्नेचर है। डुअल-एग्जॉस्ट सेटअप दिया गया है जो थंपिंग साउंड देता है बिना ज्यादा लाउड हुए। बाइक की आवाज काफी प्लीजिंग है जो क्लासिक बाइक लवर्स को पसंद आती है।
फ्यूल टैंक 15 लीटर का है जो डीसेंट रेंज देता है। एवरेज 35 km/l की माइलेज से आप एक फुल टैंक में 500-525 km चला सकते हैं। यह वीकेंड ट्रिप्स के लिए काफी है।
Honda CB350 vs Royal Enfield Classic 350
यह सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन है। Royal Enfield Classic 350 का डोमिनेशन इस सेगमेंट में काफी टाइम से है। लेकिन Honda CB350 ने चैलेंज किया है और कई मामलों में आगे भी है।
कीमत की बात करें तो CB350 थोड़ी सस्ती है। Classic 350 की एक्स-शोरूम प्राइस ₹2.04 लाख से ₹2.40 लाख तक है। Honda की प्राइसिंग ₹1.99 लाख से शुरू होती है तो एंट्री लेवल पर थोड़ा फायदा है।
परफॉर्मेंस में Honda क्लियर विनर है। CB350 का इंजन ज्यादा रिफाइंड है और वाइब्रेशन काफी कम हैं। Classic 350 में थंपिंग ज्यादा है लेकिन वाइब्रेशन भी ज्यादा आते हैं खासकर हाई स्पीड पर। Honda का इंजन स्मूदर है और रिवेबिलिटी भी बेहतर है।
माइलेज में भी Honda आगे है। Classic 350 की रियल-वर्ल्ड माइलेज 28-35 km/l रहती है जबकि CB350 की 32-42 km/l है। लॉन्ग टर्म में यह अच्छी बचत है।
फीचर्स में Honda काफी आगे है। डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वॉयस कंट्रोल, नेविगेशन, बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम ये सब CB350 में स्टैंडर्ड हैं। Classic 350 में बेसिक एनालॉग मीटर्स हैं और टेक्नोलॉजी कम है।
लेकिन Royal Enfield की ब्रांड वैल्यू और हेरिटेज अलग है। Classic 350 का कल्ट फॉलोइंग है और कस्टमाइजेशन ऑप्शन्स भी ज्यादा हैं। सर्विस नेटवर्क भी RE का बड़ा है। Honda अभी नया एंट्रेंट है तो सर्विस सेंटर्स कम हैं।
Pros और Cons क्या हैं
Pros
- Honda CB350 का रिफाइंड इंजन सबसे बड़ी खूबी है, वाइब्रेशन-फ्री परफॉर्मेंस लॉन्ग राइड्स में कम्फर्ट देती है
- बिल्ड क्वालिटी टॉप-नॉच है और फिनिश प्रीमियम फील देती है
- 35–40 km/l की एवरेज माइलेज इस सेगमेंट में बेहतरीन है, रनिंग कॉस्ट कम रहती है
- 15 लीटर का फ्यूल टैंक अच्छी रेंज देता है
- डिजिटल कनेक्टिविटी, नेविगेशन और वॉयस कंट्रोल जैसे मॉडर्न फीचर्स मिलते हैं
- डुअल-चैनल ABS सेफ्टी के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है
- हैंडलिंग और ब्रेकिंग मजबूत हैं, शहर और हाईवे दोनों में कॉन्फिडेंस देती है
- राइड क्वालिटी इम्प्रेसिव है
- Honda की रिलायबिलिटी और रिसेल वैल्यू अच्छी मानी जाती है
- मेंटेनेंस कॉस्ट रीजनेबल है
Cons
- सर्विस नेटवर्क अभी डेवलप हो रहा है, छोटे शहरों में Honda BigWing डीलरशिप की कमी
- Royal Enfield का नेटवर्क ज्यादा बड़ा और आसान है
- विंडशील्ड नहीं मिलती, लॉन्ग हाईवे राइड्स में कमी महसूस हो सकती है
- कस्टमाइजेशन ऑप्शन्स लिमिटेड हैं, एक्सेसरीज की चॉइस कम
- Royal Enfield की तुलना में थंपिंग साउंड कम है
- कुछ वैरिएंट्स में 2–3 महीने तक का वेटिंग पीरियड हो सकता है
Honda CB350 किसके लिए परफेक्ट है
यह बाइक उन लोगों के लिए आइडियल है जो क्लासिक लुक चाहते हैं लेकिन मॉडर्न टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस नहीं छोड़ना चाहते। अगर आप रेगुलर कम्यूटिंग के साथ वीकेंड टूरिंग भी करते हैं तो यह परफेक्ट ऑप्शन है।
डेली 30-40 km का ऑफिस कम्यूट करने वालों के लिए माइलेज बहुत फायदेमंद है। महीने में हजारों रुपये बचा सकते हैं फ्यूल कॉस्ट में।
फर्स्ट-टाइम बाइक खरीदने वाले भी इसे कंसीडर कर सकते हैं। हैंडलिंग आसान है और पावर मैनेजेबल है। सीट हाइट भी ज्यादा नहीं है तो छोटे राइडर्स के लिए भी ठीक है।
जो लोग Honda की रिलायबिलिटी और बिल्ड क्वालिटी पर भरोसा करते हैं उनके लिए यह ओबवियस चॉइस है। लॉन्ग-टर्म ओनरशिप में झंझट कम होते हैं।
अगर आप RE से अलग कुछ चाहते हैं लेकिन सेम सेगमेंट में रहना चाहते हैं तो CB350 एक्सीलेंट अल्टरनेटिव है। यूनीक लुक है और हर जगह नहीं दिखती।
माइलेज बढ़ाने के टिप्स
Honda CB350 से बेस्ट माइलेज पाने के लिए कुछ सिंपल टिप्स फॉलो करें। राइडिंग स्टाइल सबसे इम्पॉर्टेंट है। स्मूथ एक्सीलरेशन करें और अनावश्यक हाई RPM से बचें। 3000-4000 rpm की रेंज में इंजन सबसे एफिशिएंट है।
एक्सीलरेशन के बाद जल्दी अपर गियर्स में शिफ्ट करें। लो गियर्स में ज्यादा देर चलाने से फ्यूल कंजम्पशन बढ़ती है। 5वें गियर को जितना हो सके यूज करें।
टायर प्रेशर हफ्ते में एक बार चेक करें। प्रॉपर प्रेशर मेंटेन करने से रोलिंग रेजिस्टेंस कम होता है। फ्रंट में 25 psi और रियर में 29 psi रखें।
रेगुलर सर्विसिंग बहुत जरूरी है। एयर फिल्टर, ऑयल, स्पार्क प्लग को टाइम पर चेंज करवाएं। चेन को हर 500 km में क्लीन और लुब्रिकेट करें।
अनावश्यक वेट न रखें। हेवी लगेज या एक्सेसरीज बाइक पर लोड बढ़ाते हैं। सिर्फ जरूरी चीजें ही कैरी करें।
इंजन को लॉन्ग आइडलिंग में न रखें। ट्रैफिक सिग्नल पर 30 सेकंड से ज्यादा रुकना हो तो इंजन ऑफ कर दें। यह फ्यूल बचाता है।
Quick Guide Honda CB350 खरीदने के लिए
पहले तय करें कि कौन सा वैरिएंट चाहिए। अगर बजट टाइट है तो DLX ₹1.99 लाख में ठीक है। बेसिक फीचर्स के साथ परफॉर्मेंस पूरी मिलेगी।
मिड-रेंज में DLX Pro ₹2.14 लाख अच्छा ऑप्शन है। बेहतर सस्पेंशन और ब्रेकिंग के साथ वैल्यू-फॉर-मनी है।
अगर बजट परमिट करे तो H’ness CB350 ₹2.29 लाख वाला बेस्ट है। फुल डिजिटल क्लस्टर, नेविगेशन, वॉयस कंट्रोल सब मिलेगा।
नजदीकी Honda BigWing डीलरशिप पर जाकर टेस्ट राइड जरूर लें। सीटिंग पोजीशन और हैंडलिंग खुद फील करें। 10-15 मिनट की राइड काफी है समझने के लिए।
फाइनेंसिंग ऑप्शन्स चेक करें। Honda की खुद की फाइनेंस स्कीम्स हैं जो कॉम्पिटिटिव रेट्स पर लोन देती हैं। डाउन पेमेंट 20-30% रखें तो EMI रीजनेबल रहेगी।
इंश्योरेंस कंपेयर करें। ज़ीरो डेप्रिसिएशन कवर लें अगर नई बाइक है। यह थोड़ा महंगा है लेकिन लॉन्ग रन में फायदेमंद है।
एक्सेसरीज की लिस्ट बना लें। विंडशील्ड, इंजन गार्ड, पैनियर माउंट ये बेसिक हैं। डीलर से डिस्काउंट नेगोशिएट करें अगर बल्क में ले रहे हैं।
हमारी राय खरीदना चाहिए या नहीं
Honda CB350 एक सॉलिड पैकेज है। जिन लोगों को क्लासिक बाइक चाहिए लेकिन परफॉर्मेंस और रिलायबिलिटी में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करना उनके लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। माइलेज, फीचर्स, बिल्ड क्वालिटी सब कुछ इम्प्रेसिव है।
कीमत कॉम्पिटिटिव है और वैल्यू-फॉर-मनी भी अच्छी है। Royal Enfield की तुलना में ज्यादा रिफाइंड और टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड है। रनिंग कॉस्ट भी कम है क्योंकि माइलेज अच्छी है।
अगर आप Honda ब्रांड पर भरोसा करते हैं और लॉन्ग-टर्म में हैसल-फ्री ओनरशिप चाहते हैं तो बेझिझक खरीद सकते हैं। मेंटेनेंस कॉस्ट लो है और रिसेल वैल्यू भी होल्ड करती है।
बस ध्यान रखें कि सर्विस सेंटर आपके एरिया में है या नहीं। छोटे शहरों में यह प्रॉब्लम हो सकती है। अगर नजदीक में BigWing डीलरशिप है तो परफेक्ट है।
ओवरऑल यह बाइक उन सभी बॉक्सेस को टिक करती है जो एक अच्छी क्लासिक बाइक में होने चाहिए। स्टाइल, परफॉर्मेंस, इकोनॉमी सब कुछ बैलेंस में है। अगर बजट ₹2-2.5 लाख है और क्लासिक बाइक चाहिए तो Honda CB350 डेफिनिटली शॉर्टलिस्ट में होनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए लिखा गया है। कृपया बाइक खरीदने से पहले Honda की ऑफिशियल वेबसाइट या पास के डीलरशिप से प्राइस, माइलेज, फीचर्स और अवेलेबिलिटी की कन्फर्म जरूर करें। माइलेज फीगर्स ड्राइविंग कंडीशन्स और राइडिंग स्टाइल के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।



